Wednesday, January 21, 2009

Love

जाना था आज तुम्हे हमसे दुर हमेशा के लिये, जाते जाते तेरे चेहरे से अश्क चुरा लीये; सजके बैठी थी तुं अपने मेहबुब के आगोश मे, सारे अरमान अपने इश्क कि आग मे जला दिये...

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